12वीं के बाद क्या करें? आपके पास तीन मुख्य रास्ते हैं: एक डिग्री (जैसे B.Com, BA, B.Sc या BBA), एक प्रोफेशनल कोर्स (जैसे CA, CMA, CS या लॉ), या एक जॉब-ओरिएंटेड डिप्लोमा या स्किल कोर्स। सबसे अच्छी बात यह है कि आपको सिर्फ़ एक नहीं चुनना पड़ता। बहुत से छात्र डिग्री के साथ एक प्रैक्टिकल कोर्स करते हैं, ताकि डिग्री पूरी होने तक उनके पास नौकरी के लिए स्किल भी हों।
इस गाइड (12th ke baad kya kare) में हम कॉमर्स, आर्ट्स और साइंस, तीनों स्ट्रीम के विकल्प, ज़रूरी एंट्रेंस एग्ज़ाम, हर रास्ते में नौकरी तक पहुँचने का समय और आम गलतियाँ आसान हिंदी में समझाएँगे। परीक्षाओं और नियमों की जानकारी उनकी आधिकारिक वेबसाइटों से ली गई है; तारीखें हर साल बदलती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिस ज़रूर देखें।
फ़ैसला लेने से पहले ख़ुद से ये 4 सवाल पूछें
सही कोर्स दूसरों की पसंद से नहीं, आपकी स्थिति से तय होता है। पहले इन सवालों के जवाब लिख लें:
- क्या मुझे जल्दी कमाना है? अगर घर की ज़रूरत है या आप एक साल के अंदर नौकरी चाहते हैं, तो जॉब-ओरिएंटेड कोर्स को प्राथमिकता दें।
- मैं कितने साल पढ़ाई कर सकता हूँ? डिग्री 3 से 4 साल की होती है, और प्रोफेशनल कोर्स इससे भी लंबे हो सकते हैं।
- मुझे क्या पढ़ना पसंद है? अंक और हिसाब-किताब, लोग और समाज, साइंस और टेक्नोलॉजी, या भाषाएँ और लेखन।
- क्या मैथ्स मेरे लिए ठीक है? कुछ कोर्स में मैथ्स ज़रूरी है, बहुत से में नहीं।
इन जवाबों के साथ नीचे दिए विकल्प पढ़ें। जो रास्ता आपके चारों जवाबों से मेल खाए, वही आपके लिए सही है।
सही कोर्स चुनने के 5 कदम
- ऊपर के 4 सवालों के जवाब लिखें। साथ में यह भी: किन विषयों में आपके अंक और रुचि दोनों अच्छे हैं, और कौन-सा काम आप रोज़ कर सकते हैं?
- 2 से 3 विकल्प शॉर्टलिस्ट करें। हर स्ट्रीम के विकल्प नीचे दिए गए हैं; उनमें से जो आपके 4 सवालों से मेल खाएँ, उन्हें चुनें।
- आधिकारिक जानकारी पढ़ें। कोर्स का सिलेबस, अवधि और योग्यता यूनिवर्सिटी या परीक्षा संस्था की वेबसाइट से देखें, किसी ब्लॉग या वीडियो से नहीं।
- उस फ़ील्ड में काम करने वाले किसी व्यक्ति से बात करें। जो अकाउंटेंट, टीचर, वकील या इंजीनियर का काम कर रहा हो, उससे पूछें कि रोज़ का काम कैसा होता है।
- समय और ख़र्च जोड़ें। कितने साल लगेंगे, फ़ीस कितनी है और कमाई कब से शुरू होगी। फिर फ़ैसला लें।
12वीं के बाद के रास्ते और नौकरी तक का समय
हर रास्ते में कमाई शुरू होने का समय अलग है। यह टेबल आपको सीधी तुलना देती है:
| रास्ता | उदाहरण | कितना समय | किसके लिए सही |
|---|---|---|---|
| डिग्री | B.Com, BA, B.Sc, BBA | 3 साल (Honours with Research के लिए 4 साल) | जो आगे पढ़ना, सरकारी परीक्षाएँ देना या प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं |
| प्रोफेशनल कोर्स | CA, CMA, CS, लॉ | कई साल; CA में हर स्तर पहली बार में पास करने पर भी लगभग 4.5 से 5 साल | जो लंबी, मेहनत वाली पढ़ाई के लिए तैयार हैं |
| जॉब-ओरिएंटेड डिप्लोमा | अकाउंटिंग, टैक्सेशन, कंप्यूटर डिप्लोमा | 6 से 18 महीने | जो जल्दी काम शुरू करना चाहते हैं |
| छोटा स्किल कोर्स | Tally with GST, Excel, डेटा एंट्री | 1 से 3 महीने | जो डिग्री के साथ एक स्किल जोड़ना चाहते हैं |
CA का समय ICAI के नियमों पर आधारित है, जिसे हमारी गाइड chartered accountant कैसे बनें में विस्तार से समझाया गया है। डिग्री के साल NEP के नए ढाँचे के हिसाब से हैं, जो नीचे समझाया गया है।
12वीं कॉमर्स के बाद क्या करें?
कॉमर्स के छात्रों के पास सबसे ज़्यादा सीधे रास्ते हैं, क्योंकि अकाउंट्स, टैक्स और फ़ाइनेंस की नौकरियाँ कई शहरों में हैं।
डिग्री
- B.Com या B.Com (Hons): अकाउंटिंग, टैक्स, लॉ और फ़ाइनेंस की डिग्री। पढ़ाई जाने वाले विषय सेमेस्टर के हिसाब से देखने के लिए पढ़ें B.Com subjects।
- BBA: मैनेजमेंट, मार्केटिंग और HR पर ध्यान; पढ़ें BBA क्या है।
- BA Economics या BA Programme with Commerce: उनके लिए जो आर्ट्स और कॉमर्स दोनों रखना चाहते हैं।
प्रोफेशनल कोर्स
- CA: ICAI का कोर्स; 12वीं के बाद CA Foundation से शुरू।
- CMA: ICMAI का कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग कोर्स; 12वीं के बाद CMA Foundation से शुरू। ICMAI का एक छोटा एंट्री कोर्स, CAT, भी है।
- CS: ICSI का कंपनी सेक्रेटरी कोर्स, जो CSEET एंट्रेंस टेस्ट से शुरू होता है।
तीनों में क्या फ़र्क़ है, यह हमारी गाइड CA vs CMA vs CS में है।
जॉब-ओरिएंटेड डिप्लोमा और छोटे कोर्स
अगर आप जल्दी अकाउंट्स की नौकरी चाहते हैं, तो डिप्लोमा सबसे तेज़ रास्ता है। IPA में ये विकल्प हैं:
| कोर्स | अवधि |
|---|---|
| 6 महीने का अकाउंटिंग डिप्लोमा | 6 महीने |
| ADFA, 12 महीने का अकाउंटिंग डिप्लोमा | 12 महीने |
| Business Accounting and Taxation (BAT) | 8 महीने |
| Tally with GST | 1 या 2 महीने |
IPA के डिप्लोमा के साथ IPA की प्रकाशित शर्तों पर 100% job guarantee है; छोटे कोर्स के साथ placement assistance मिलती है। कॉमर्स के सभी विकल्पों की पूरी अंग्रेज़ी गाइड: courses after 12th commerce।
12वीं आर्ट्स के बाद क्या करें?
आर्ट्स के छात्रों के पास विषयों का सबसे बड़ा चुनाव है, और एक ग़लतफ़हमी दूर होनी चाहिए: आर्ट्स के बाद भी अकाउंट्स, फ़ाइनेंस और CA का रास्ता खुला है।
डिग्री
- BA Programme या BA (Hons): इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेज़ी, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, भूगोल जैसे विषय। कौन-से विषय होते हैं, यह पढ़ें BA subjects list।
- BA Programme with Commerce: कुछ यूनिवर्सिटी, जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी, आर्ट्स डिग्री के साथ अकाउंटिंग, इनकम टैक्स और कॉस्ट अकाउंटिंग के पेपर देती हैं।
- लॉ: 12वीं के बाद 5 साल का इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स; नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दाख़िला CLAT से होता है।
सरकारी परीक्षाएँ
कुछ सरकारी परीक्षाएँ 12वीं के बाद ही दी जा सकती हैं। स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन की Combined Higher Secondary Level (CHSL) परीक्षा, नाम के अनुसार ही, 12वीं पास स्तर के पदों के लिए है; योग्यता और पदों की पूरी जानकारी हर साल ssc.gov.in के नोटिस में होती है। इनमें टाइपिंग और कंप्यूटर स्किल अक्सर काम आती हैं।
आर्ट्स के बाद अकाउंट्स और CA
- CA किसी भी स्ट्रीम से: ICAI, CA Foundation के लिए स्ट्रीम की कोई शर्त नहीं रखता।
- अकाउंटिंग डिप्लोमा: IPA का 12 महीने का ADFA डिप्लोमा किसी भी स्ट्रीम के 12वीं पास छात्रों के लिए है, मैथ्स हो या न हो।
आर्ट्स के सभी विकल्पों के लिए पढ़ें courses after 12th arts।
12वीं साइंस के बाद क्या करें?
साइंस के छात्रों के मुख्य रास्ते एंट्रेंस एग्ज़ाम से तय होते हैं:
- इंजीनियरिंग: JEE Main, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कराती है।
- मेडिकल: NEET-UG, यह भी NTA की परीक्षा है।
- डिफ़ेंस: NDA, जिसे UPSC कराता है; कुछ विंग के लिए 12वीं में फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स ज़रूरी हैं, इसलिए नोटिस ध्यान से पढ़ें।
- B.Sc, BCA और दूसरी डिग्रियाँ: केंद्रीय यूनिवर्सिटी में दाख़िला CUET-UG से।
साइंस के बाद कॉमर्स में आना भी संभव है। कई यूनिवर्सिटी साइंस के छात्रों को B.Com में दाख़िला देती हैं, और CA किसी भी स्ट्रीम से हो सकता है। अगर इंजीनियरिंग या मेडिकल आपका लक्ष्य नहीं है, तो यह एक अच्छा विकल्प है।
स्ट्रीम के हिसाब से लोकप्रिय करियर
यह टेबल दिखाती है कि आम करियर तक कौन-सा रास्ता जाता है। हर करियर में आगे बढ़ने के लिए अनुभव और स्किल भी उतने ही ज़रूरी हैं।
| करियर | स्ट्रीम | आम रास्ता |
|---|---|---|
| अकाउंटेंट या अकाउंट्स एग्ज़ीक्यूटिव | कॉमर्स, आर्ट्स, साइंस (कोई भी) | B.Com या कोई भी डिग्री + अकाउंटिंग डिप्लोमा; या सीधे डिप्लोमा |
| चार्टर्ड अकाउंटेंट | कोई भी | CA Foundation, Intermediate, आर्टिकलशिप और Final (ICAI) |
| टैक्स या GST असिस्टेंट | कॉमर्स या कोई भी | टैक्सेशन डिप्लोमा या B.Com + GST कोर्स |
| टीचर | कोई भी | विषय में डिग्री, फिर टीचर ट्रेनिंग |
| वकील | कोई भी | 12वीं के बाद 5 साल का इंटीग्रेटेड लॉ, या ग्रेजुएशन के बाद 3 साल का LLB |
| इंजीनियर | साइंस (PCM) | JEE के ज़रिए B.Tech या B.E. |
| डॉक्टर | साइंस (PCB) | NEET-UG के ज़रिए MBBS |
| ऑफ़िस या डेटा एंट्री के काम | कोई भी | कंप्यूटर और टाइपिंग कोर्स, साथ में डिग्री |
बिना मैथ्स के 12वीं के बाद क्या करें?
मैथ्स न होने से बहुत कम रास्ते बंद होते हैं। बिना मैथ्स के ये विकल्प खुले हैं:
- BA के ज़्यादातर विषय, और लॉ।
- कई यूनिवर्सिटी में B.Com (Programme); B.Com (Hons) के लिए कुछ यूनिवर्सिटी मैथ्स माँगती हैं, इसलिए बुलेटिन देखें।
- CA, CMA और CS, जिनके एंट्री स्तर पर मैथ्स की शर्त नहीं है, लेकिन CA Foundation में Quantitative Aptitude का पेपर होता है।
- अकाउंटिंग, टैक्सेशन और कंप्यूटर डिप्लोमा। IPA का ADFA डिप्लोमा मैथ्स के साथ या बिना, दोनों के लिए है।
जल्दी नौकरी चाहिए? यह प्लान अपनाएँ
अगर आपको एक साल के अंदर कमाना शुरू करना है, तो यह कदम-दर-कदम प्लान काम करता है:
- एक जॉब-ओरिएंटेड स्किल चुनें जिसकी आपके शहर में माँग हो। दिल्ली जैसे शहर में अकाउंट्स, GST, पेरोल और डेटा एंट्री की नौकरियाँ कई इलाक़ों में मिलती हैं।
- 6 से 12 महीने का प्रैक्टिकल डिप्लोमा करें जिसमें सॉफ़्टवेयर पर रोज़ अभ्यास हो, सिर्फ़ थ्योरी नहीं।
- डिग्री बंद न करें। डिस्टेंस या ईवनिंग मोड में डिग्री साथ में चलाएँ, क्योंकि आगे प्रमोशन और सरकारी परीक्षाओं के लिए डिग्री काम आती है।
- सबूत तैयार करें: टाइपिंग स्पीड, Excel और Tally में किया गया काम, और एक साफ़ रिज़्यूमे।
डिग्री और स्किल कोर्स साथ में कैसे करें?
सबसे समझदार जोड़ यही है: डिग्री से योग्यता, और कोर्स से नौकरी की स्किल। इसे चलाने के लिए:
- ऐसा कोर्स चुनें जिसके बैच कॉलेज के समय से न टकराएँ, जैसे सुबह जल्दी, शाम या वीकेंड।
- पहले साल में छोटा कोर्स (Tally, Excel), और दूसरे साल में लंबा डिप्लोमा, ताकि पढ़ाई का बोझ एक साथ न आए।
- कॉलेज के विषयों और कोर्स के काम को जोड़ें। जैसे B.Com का Financial Accounting और Tally का काम एक-दूसरे को समझने में मदद करते हैं।
B.Com छात्रों के लिए पूरी योजना हमारी गाइड B.Com with Tally, GST and Excel में है।
12वीं के बाद ज़रूरी एंट्रेंस एग्ज़ाम
नीचे दी गई परीक्षाएँ 12वीं के बाद सबसे ज़्यादा दी जाती हैं। तारीखें हर साल बदलती हैं, इसलिए सिर्फ़ आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करें:
| परीक्षा | किसके लिए | कौन कराता है |
|---|---|---|
| CUET-UG | केंद्रीय और कई दूसरी यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट दाख़िला | नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (cuet.nta.nic.in) |
| JEE Main | इंजीनियरिंग | नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (jeemain.nta.nic.in) |
| NEET-UG | मेडिकल | नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (neet.nta.nic.in) |
| CLAT | नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में 5 साल का लॉ | Consortium of NLUs (consortiumofnlus.ac.in) |
| NDA | आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स में ऑफ़िसर एंट्री | UPSC (upsc.gov.in) |
| CA Foundation | चार्टर्ड अकाउंटेंसी | ICAI (ICAI की FAQ) |
NEP के बाद डिग्री का नया ढाँचा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बाद अंडरग्रेजुएट डिग्री का ढाँचा बदला है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के Undergraduate Curriculum Framework 2022 के अनुसार:
- 1 साल बाद पढ़ाई छोड़ने पर Undergraduate Certificate (44 क्रेडिट)।
- 2 साल बाद Undergraduate Diploma (88 क्रेडिट)।
- 3 साल में बैचलर डिग्री (132 क्रेडिट)।
- 4 साल में Honours with Research या Academic Projects (176 क्रेडिट)।
इसका मतलब है कि डिग्री बीच में छोड़ना अब “शून्य” नहीं है। अगर एक या दो साल बाद नौकरी या किसी और कारण से रुकना पड़े, तो आपके पास एक योग्यता रहेगी।
12वीं के बाद मुफ़्त ऑनलाइन कोर्स
अगर आप बिना ख़र्च किए किसी विषय को आज़माना चाहते हैं, तो शिक्षा मंत्रालय का SWAYAM प्लेटफ़ॉर्म काम का है। SWAYAM के कोर्स पढ़ने के लिए मुफ़्त हैं; सर्टिफ़िकेट चाहिए तो फ़ीस वाली प्रॉक्टर्ड परीक्षा देनी पड़ती है। कुछ यूनिवर्सिटी SWAYAM कोर्स के क्रेडिट अपनी डिग्री में मानती हैं, लेकिन यह हर यूनिवर्सिटी ख़ुद तय करती है।
मुफ़्त कोर्स से आप समझ सकते हैं कि अकाउंटिंग, अर्थशास्त्र या प्रोग्रामिंग आपको पसंद है या नहीं, और फिर उस फ़ील्ड में लंबा कोर्स लेने का फ़ैसला कर सकते हैं।
क्या 12वीं के बाद गैप ईयर लेना ठीक है?
गैप ईयर तभी ठीक है जब उसकी साफ़ योजना हो, जैसे किसी एंट्रेंस एग्ज़ाम की तैयारी, घर की ज़िम्मेदारी, या किसी स्किल कोर्स के साथ काम। बिना योजना के साल बीत जाता है और अगले साल फ़ैसला और मुश्किल लगता है।
अगर आप एंट्रेंस की तैयारी के लिए रुक रहे हैं, तो साथ में एक छोटा स्किल कोर्स या डिस्टेंस डिग्री का पहला साल शुरू करना समझदारी है, ताकि नतीजा कुछ भी हो, आपके पास आगे बढ़ने का रास्ता रहे।
दिल्ली के छात्रों के लिए
दिल्ली में 12वीं के बाद विकल्पों की कमी नहीं है, लेकिन चुनाव ध्यान से करना पड़ता है:
- दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में दाख़िला CUET-UG के स्कोर से होता है, इसलिए CUET की तैयारी 12वीं के साथ ही शुरू करें।
- ईवनिंग कॉलेज और डिस्टेंस लर्निंग से डिग्री के साथ दिन में कोर्स या काम हो सकता है।
- अकाउंट्स और ऑफ़िस की नौकरियाँ छोटे कारोबारों, CA फ़र्मों और कंपनियों में कई इलाक़ों में होती हैं, इसलिए Tally, GST और Excel जैसी स्किल दिल्ली में जल्दी काम आती हैं।
लक्ष्मी नगर में IPA का इंस्टिट्यूट मेट्रो स्टेशन के पास है, इसलिए पूर्वी दिल्ली और NCR से यहाँ पहुँचना आसान है।
माता-पिता के लिए: बच्चे के साथ फ़ैसला कैसे करें
- बच्चे की पसंद सुनिए। जिस विषय में मन न लगे, उसमें लंबी पढ़ाई मुश्किल होती है।
- समय और ख़र्च की बात खुलकर करें। कितने साल और कितने पैसे लगेंगे, और कमाई कब से शुरू होगी।
- हर दावे का लिखित सबूत माँगें। फ़ीस, सिलेबस और प्लेसमेंट की शर्तें लिखित में, और यूनिवर्सिटी या परीक्षा की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से।
- प्लान B रखें। एंट्रेंस या दाख़िला न हो तो अगला रास्ता क्या होगा, यह पहले से तय करें।
12वीं के बाद छात्रों की आम गलतियाँ
- दोस्तों की देखा-देखी कोर्स चुनना। जो दोस्त के लिए सही है, ज़रूरी नहीं आपके लिए भी हो।
- सिर्फ़ डिग्री पर निर्भर रहना। डिग्री के साथ कोई प्रैक्टिकल स्किल न हो, तो पहली नौकरी ढूँढने में ज़्यादा समय लगता है।
- एंट्रेंस एग्ज़ाम की तारीख़ चूक जाना। CUET, JEE, NEET और CLAT के फ़ॉर्म महीनों पहले भरे जाते हैं; आधिकारिक साइटों पर नोटिफ़िकेशन देखते रहें।
- इंस्टिट्यूट के दावों पर बिना लिखित सबूत भरोसा करना। फ़ीस, सिलेबस और प्लेसमेंट की शर्तें हमेशा लिखित में माँगें।
- डिस्टेंस डिग्री बिना मान्यता देखे लेना। UGC-DEB की मंज़ूरी ज़रूर देखें।
अब भी उलझन है? मुफ़्त काउंसलिंग लें
अगर आप कॉमर्स, आर्ट्स या अकाउंट्स के रास्ते को लेकर तय नहीं कर पा रहे, तो IPA की मुफ़्त करियर काउंसलिंग में हमारे एडमिशन काउंसलर से बात करें। आप लक्ष्मी नगर, दिल्ली आ सकते हैं, कॉल कर सकते हैं या WhatsApp पर संदेश भेज सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
12वीं के बाद सबसे अच्छा कोर्स कौन-सा है?
कोई एक कोर्स सबके लिए सबसे अच्छा नहीं है। जल्दी नौकरी के लिए जॉब-ओरिएंटेड डिप्लोमा, लंबे करियर और आगे की पढ़ाई के लिए डिग्री, और अकाउंट्स या लॉ में प्रोफेशनल बनने के लिए CA, CMA, CS या लॉ सही हैं। आपका लक्ष्य और समय यह तय करता है।
12वीं कॉमर्स के बाद क्या करें जिससे जल्दी नौकरी लगे?
6 से 12 महीने का अकाउंटिंग या टैक्सेशन डिप्लोमा, जिसमें Tally, GST, TDS और Excel का अभ्यास हो, सबसे तेज़ रास्ता है। डिग्री डिस्टेंस या ईवनिंग मोड में साथ चला सकते हैं।
12वीं आर्ट्स के बाद क्या करें?
BA के कई विषय, लॉ (CLAT से), सरकारी परीक्षाएँ, या अकाउंट्स और कंप्यूटर स्किल। आर्ट्स के छात्र भी CA कर सकते हैं, क्योंकि ICAI स्ट्रीम की शर्त नहीं रखता।
क्या 12वीं के बाद सीधे नौकरी मिल सकती है?
हाँ, लेकिन स्किल के साथ ज़्यादा आसानी से। डेटा एंट्री, अकाउंट्स असिस्टेंट और ऑफ़िस के कामों के लिए कंप्यूटर, टाइपिंग, Excel और Tally जैसी स्किल मदद करती हैं।
12वीं के बाद कौन-से एंट्रेंस एग्ज़ाम होते हैं?
सबसे आम हैं CUET-UG (यूनिवर्सिटी), JEE Main (इंजीनियरिंग), NEET-UG (मेडिकल), CLAT (लॉ), NDA (डिफ़ेंस) और CA Foundation। तारीखें हर साल आधिकारिक वेबसाइटों पर आती हैं।
बिना मैथ्स के 12वीं के बाद क्या करें?
BA, लॉ, कई यूनिवर्सिटी में B.Com (Programme), CA, CMA, CS और अकाउंटिंग या कंप्यूटर डिप्लोमा, ये सब बिना मैथ्स के हो सकते हैं। B.Com (Hons) के लिए अपनी यूनिवर्सिटी का नियम देखें।